भारत की सनातन परंपरा में संख्याओं का विशेष महत्व है। इनमें संख्या 5 (पंच) का स्थान अत्यंत विशेष है। पाँच न केवल एक संख्या है, बल्कि जीवन, प्रकृति और धर्म का संतुलन है। चाहे वह शरीर हो, पूजा पद्धति हो या ब्रह्मांड की संरचना — हर जगह ‘पंच’ की झलक मिलती है।
इस लेख में हम जानेंगे “5 का महत्व” भारतीय परंपरा और जीवन के विभिन्न पहलुओं में।
🌿 पंचतत्व – जीवन के पाँच आधार
जीवित शरीर इन्हीं पंचतत्वों से बना है:
पृथ्वी – स्थिरता व आधार
जल – शुद्धता व प्रवाह
अग्नि – ऊर्जा व तेज
वायु – प्राणवायु व गति
आकाश – चेतना व विस्तार